गुरुवार, 2 जून 2011

jivan

आप की विकास की यात्रा अब सिर्फ भौतिक विकास की यात्रा बन चुकी है , अब हम सिर्फ भौतिक विकास को ही प्रधानता दे रहे हैं , आप की योग्यता और स्तर आपके आर्थिक स्तर से संचालित होते हैं ,शायद यही कारन है की हम सिर्फ भौतिक विकास की तरफ भाग रहे हैं पर क्या इस विकास की कोई उपरी सीमा भी परिभाषित है ,आप तो इतना सोचते ही नहीं आप सिर्फ ऊपर की दिसा में भाग रहे हैं  कहाँ  जाना चाहते हैं ,सिर्फ एक ही उद्देश्य उच्तर आर्थिक स्थिती, पर आप कभी भी उस उपरी सीमा का निर्धारण नहीं कर सकते हैं ,क्या आप कर सकते हैं.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें